क्रिया किसे कहते हैं : जापानी विधि से समझें – क्रिया के भेद, परिभाषा, उदाहरण

क्रिया किसे कहते हैं (kriya kise kahate hain), क्रिया की परिभाषा (kriya ki paribhasha), क्रिया के भेद (kriya ke bhed), सकर्मक क्रिया (sakarmak kriya), अकर्मक क्रिया (akarmak kriya) की पूरी जानकारी पढ़ें ।

प्रिय दोस्तों आज हम क्रिया के बारे में देखने वाले हैं । क्या आप जानते हैं? क्रिया किसे कहते हैं? व्याकरण की भाषा में क्रिया का मतलब होता है ‘करना’, जो शब्द से यह पता चले की कुछ काम हो रहा है या होने की संभावना है । हमारे एग्जाम की दृष्टि से क्रिया से संबंधिति क्या-क्या आ सकते हैं ये भी देखेंगे । हमारे दैनिक जीवन में क्रिया का कहाँ-कहाँ उपयोग होता है। क्या क्रिया के बिना वाक्य पूरा बनाना सम्भव है या नहीं इसकी भी हम चर्चा करेंगे ।

क्रिया किसे कहते हैं

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क्रिया किसे कहते हैं (kriya kise kahate hain)

Kriya Ki Paribhasha (क्रिया की परिभाषा) : जिन शब्दों के द्वारा हमें यह पता चले की काम हो रहा है या फिर होने की संभावना है तो हम, उस शब्द को क्रिया कहते हैं ।

उदाहरण- पढ़ना, उठाना, बैठना, जाना, गाना, हंसना, रोना, धोना, नहाना, देखना आदि ।

 

क्रिया के उदाहरण (Kriya ke udaharan) :

  • सीता पढ़ती है ।
  • गीता गाती है ।
  • भीम हँसता है ।
  • टिंकू मोबाइल देखता है ।
  • छात्र स्कूल जाते हैं ।
  • शिक्षक गणित पढ़ाते हैं ।
  • अमिताभ बच्चन फिल्म में काम करते हैं ।
  • पंडित जवाहर लाल नेहरू पत्र लिखता है ।
  • अब्दुल कलम मिसाइल बनाते हैं ।
  • रसोईया खाना बनाती है आदि ।

आपने वाक्य में देखा ‘पढ़ती है’ में ‘पढ़ना’ क्रिया शब्द है । ‘गाती है‘ में ‘गाना’ क्रिया शब्द है। ठीक इसी तरह से अन्य वाक्यों में भी हँसना, देखना, जाना, पढ़ना, करना, लिखना, बनाना आदि क्रिया की शब्द है ।

ये क्रिया एक विकारी शब्द है जिसका निर्माण या उत्पति किसी मुख्य शब्द के द्वारा बनता है। जिसको ‘धातु’ बोला जाता है ।

 

धातु किसे कहते हैं ?

जिस मूल शब्दों से क्रिया का निर्माण होता है, उसे हम धातु कहते हैं। जैसे- क्रिया पढ़ना में ‘पढ़’ मूल धातु है। क्रिया उठना में ‘उठ’ मूल धातु है। ठीक इसी तरह से बैठना में ‘बैठ’, जाना में ‘जा’ आदि। इन सब क्रिया में धातु कभी भी चेंज नहीं होता है ।

धातु के उदाहरण :

  • पढ़
  • बैठ
  • जा
  • खा
  • नाहा
  • चल
  • रुक
  • हंस
  • देख

ये सब मूल धातु है इसी से क्रिया का निर्माण होता है । जब इस मूल धातु में ‘ना’ प्रत्यय जोड़ते हैं तो वो ‘शब्द’ क्रिया बन जाता है ।

उदाहरण :

  • पढ़ + ना = पढ़ना
  • बैठ + ना = बैठना
  • जा + ना = जाना
  • खा + ना = खाना
  • नाहा + ना = नहाना
  • आ + ना = आना
  • चल + ना = चलना
  • रुक + ना = रुकना
  • हंस + ना = हंसना
  • देख + ना = देखना आदि ।

इस मूल धातु में और भी अलग-अलग प्रत्यय ता, ते, ती, ना, ऊं, आदि लगाने से क्रिया के अनेक रूप बनते हैं ।

जैसे-

  • पढ़ + ता = पढता ।
  • बैठ + ता = बैठता ।
  • खा + ऊँ = खाऊँ आदि ।

 

धातु के कितने भेद हैं (Dhatu ke kitne bhed hain)

धातु के 2 भेद हैं :

  • यौगिक धातु और
  • मूल धातु

 

क्रिया के कितने भेद होते हैं (Kriya ke kitne bhedd hote hain)

  • कर्म के आधार पर क्रिया के 2 भेद हैं :
    1. अकर्मक क्रिया
    2. सकर्मक क्रिया
  • कुछ क्रियाएं अकर्मक और सकर्मक दोनों होती हैं । वह काम को टालता रहता है। ये वाक्य में टालना अकर्मक और सकर्मक दोनों ही मौजूद है। इन दोनों क्रिया को आगे देखने से पहले इनके बिच डिफरेंट को देख लेते हैं।

 

अकर्मक और सकर्मक क्रिया में अंतर

इन दोनों क्रिया अकर्मक और सकर्मक क्रिया में मुख्य अंतर ‘कर्म’ का होना और ना होना है। अकर्मक क्रिया में क्रम नहीं रहता है जबकि सकर्मक क्रिया में कर्म रहता है।

 

सकर्मक और अकर्मक क्रिया को कैसे पहचाने

अगर आप अकर्मक और सकर्मक क्रिया में फर्क नहीं कर पा रहे हैं या फिर इसको नहीं पहचान पा रहे हैं। कौन-सा अकर्मक क्रिया है और कौन-सा सकर्मक क्रिया है तो आपको इनसे सवाल पूछ करके पता करना है। सवाल आपको क्या, किसको, या किसे आदि से प्रश्न पूछने पर अगर आपको जवाब मिलता है तो उसे सकर्मक क्रिया कहेंगे । अगर प्रश्न का उत्तर आपको नहीं मिलता है तो आप उसको अकर्मक क्रिया कहेंगे।

 

सकर्मक और अकर्मक क्रिया का उदाहरण :

यहाँ हम दो छोटे से वाक्य को लेते हैं समझने के लिए। इस वाक्य से आपको सकर्मक और अकर्मक क्रिया में बेहतर समझ आ जायेगा।

जैसे-

  • ‘राम खाता है’
    • अगर हम इस वाक्य से प्रश्न करते हैं। जैसे- राम क्या खाता है? तो यहाँ प्रश्न का उत्तर नहीं मिलता है की क्या खाता है। इसलिए इस वाक्य में ‘खाता है’ अकर्मक क्रिया है। अब यही वाक्य को दूसरे तरिके से देखते हैं।
  • ‘राम आम खाता है’
    • अगर हम इस वाक्य में प्रश्न करते हैं । जैसे- राम क्या खाता है? तो आपको उत्तर मिलता है की आम खाता है। इसलिए इसे हम ‘खाता है’ सकर्मक क्रिया कहेंगे।

अब आप पूछोगे ये तो अपने दो आसान सा वाक्य लिया और बना दिया। लेकिन ऐसा नहीं है आप कोई सा भी वाक्य लो और उनसे प्रश्न पूछो। अगर आपको प्रश्न का उत्तर मिल जाता है तो आप उसको सकर्मक क्रिया कहेंगे और यदि नहीं मिलता है तो उसको अकर्मक क्रिया कहेंगे । अब आप इनके भेद को पढ़ेंगे तो आपको और डिटेल में समझ में आ जायेगा ।

 

1. अकर्मक क्रिया किसे कहते हैं (Akarmak kriya kise kahate hian)

परिभाषा: जिस वाक्य के क्रिया में कर्म नहीं होता है उसे हम अकर्मक क्रिया कहते हैं। जैसे- जाना, खाना, पढ़ना, सोना, नाचना, तोड़ना, बोलना, लाना आदि ।

अकर्मक क्रिया के उदाहरण :

  • वह जाता है ।
  • राम खाता है ।
  • सीता पढ़ती है ।
  • रोहित सोता है ।
  • ऋतिक नाचता है ।
  • आमिर तोड़ता है ।
  • प्रधानमंत्री बोलता है ।
  • माताजी लाता है ।
  • वह जागता है ।
  • हमको जाना है ।
  • आपको पढ़ना है ।

 

2. सकर्मक क्रिया किसे कहते हैं (Sakarmak kriya kise kahate hain)

परिभाषा: जिस वाक्य के क्रिया में कर्म मौजूद होता है या फिर कर्म होने की Possibility (सम्भवना) होती है उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं। जैसे- पानी पीना, बाजार जाना, जोर-जोर हंसना, धीरे बोलना, किताब पढ़ना, रात जागना, पत्थर फेंकना, हवा भरना, इंटरनेट चलना, लेटर लिखना आदि।

 

सकर्मक क्रिया के उदाहरण :

  • वह पानी पिता है ।
  • हम बाजार जाते हैं ।
  • उसने नाटक में जोर-जोर हंसना शुरू किया ।
  • नेता सभा में धीरे बोलता है ।
  • मुझे किताब पढ़ना अच्छा लगता है ।
  • देर रात जागना अच्छा नहीं है ।
  • बच्चे पत्थर फेंकते हैं ।
  • गुब्बरे में हवा भरना पड़ता है ।
  • WiFi से इंटरनेट चलता है ।
  • काम से छूटी लेने के लिए बोस को लेटर लिखना पड़ता है ।

 

सकर्मक क्रिया के कितने भेद होते हैं (Sakarmak kriya ke kitne bhed)

दो भेद हैं :—

  • अपूर्ण सकर्मक क्रिया
  • पूर्ण सकर्मक क्रिया

 

पूर्ण सकर्मक क्रिया के कितने भेद होते हैं ?

इनके भी दो भेद हैं :—

  • एक कर्मक पूर्ण सकर्मक क्रिया
  • द्विकर्मक पूर्ण सकर्मक क्रिया

 

प्रयोग के आधार पर क्रिया के भेद

यहाँ आपको बनावट या रचना या प्रयोग या संरचना के आधार पर पूछा सकता है ।

प्रयोग के आधार पर क्रिया के 6 भेद हैं :

  1. संयुक्त क्रिया
  2. पूर्वकालिक क्रिया
  3. विधि क्रिया
  4. प्रेरणार्थक क्रिया
  5. यौगिक क्रिया
  6. नामधातु क्रिया

 

1. संयुक्त क्रिया

जब दो से अधिक क्रियाएं जुड़ करके जो क्रिया बनता है, उनको संयुक्त क्रिया कहा जाता है ।

संयुक्त क्रिया के उदाहरण :

  • मैं किताब पढ़ चूका ।
  • कविता जा चुकी है ।
  • वर्षा शुरू हो चुकी है ।
  • कोहली मैच खेल चूका है ।
  • धोनी फाइनल जीत चूका है ।

 

2. पूर्वकालिक क्रिया

कर्त्ता जब एक काम (क्रिया) को खत्म करके दूसरे काम (क्रिया) को करने लगता है, तो उस पहला वाले क्रिया (काम) को पूर्वकालिक क्रिया कहते हैं । जैसे— प्रीति देखकर चली गई । यहाँ देखकर पूर्वकालिक क्रिया है ।

पूर्वकालिक क्रिया के उदाहरण :

  • राधा धोकर बैठती है ।
  • मोहन गाना गाकर नाचता है ।
  • दिनेश दौड़कर कूदता है ।
  • सोनी हंसकर बोलती है ।
  • शेर दौड़कर पकड़ती है ।
  • ईशा खाकर हाथ धोती है ।

 

3. विधि क्रिया

जिस क्रिया से अनुरोध या आज्ञा का भाव हो उनको विधि क्रिया कहते हैं ।

विधि क्रिया के उदाहरण :

  • उनका इंतजार करो ।
  • घर जाओ ।
  • बैठ जा ।
  • नाहा लो ।
  • आप जा सकते हैं ।
  • इधर देखो ।

 

4. प्रेरणार्थक क्रिया

इस क्रिया में कर्त्ता दूसरे से काम करवाता है । तब उस क्रिया को प्रेरणार्थक क्रिया कहलाता है ।

प्रेरणार्थक क्रिया के उदाहरण :

  • शिक्षक बच्चों से गीत गावाती है ।
  • दादी पोते से चाय मंगवाती है ।
  • वकील मुंसी से काम करवाते हैं ।
  • मालकिन नौकरानी से बर्तन धुलवाती है ।
  • चिट्ठी डाक द्वारा भेजवाया जाता है ।
  • मालिक ड्राइवर से गाड़ी चलवाता है ।

 

5. यौगिक क्रिया

जब दो या फिर दो से ज्यादा धातुओं और अन्य शब्दों के मिलने से या फिर धातुओं में प्रत्यय लगाने से जो क्रिया बनती है, तो उसे यौगिक क्रिया कहते हैं । जैसे— देखना-दिखाना, हंसना-हँसाना, पढ़ना-पढ़ाना आदि ।

यौगिक क्रिया के उदाहरण :

  • नई-नई टेक्नोलॉजी देखना-दिखाना सबको अच्छा लगता है ।
  • लोगों को हंसना-हँसाना ख़ुशी की बात है ।
  • शिक्षक को पढ़ना-पढ़ाना अच्छा लगता है ।

 

6. नामधातु क्रिया

इसमें जो धातु संज्ञा और विशेषण से बनते हैं, उसको नामधातु कहते हैं । इस धातु में आना प्रत्यय लगा करके नामधातु बना सकते हैं ।

जैसे—

  • बात से बतियाना
  • धूल से धुलना
  • गर्म से गर्माना
  • देख से दिखाना
  • जाम से जमाना

 

बहुविकल्पीय प्रश्न

Q1. कर्म के आधार पर क्रिया के भेद हैं ?

  1. दो
  2. तीन
  3. पांच
  4. छह

उत्तर : (a) दो

Q2. रचना के आधार पर क्रिया के कितने भेद होते हैं ?

  1. चार
  2. पांच
  3. तीन
  4. छह

उत्तर : (d) छह

Q3. निम्नलिखित में से कौन-सी सकर्मक क्रिया है ?

  1. राम सोता है ।
  2. गीता चिट्ठी लिखती है ।
  3. वह रोता है ।
  4. अंजली हंसती है ।

उत्तर : (b) गीता चिट्ठी लिखती है ।

 

MCQ अभ्यास के लिए यहाँ से देखें :

 

निष्कर्ष

आपको याद दिला दूँ की हमने इस आर्टिकल में क्रिया किसे कहते हैं ? क्रिया के दो भेद अकर्मक क्रिया और सकर्मक क्रिया पढ़ा । अकर्मक और सकर्मक क्रिया कैसे पहचाने, इनमें क्या अंतर है ? इनके भेद क्या-क्या हैं देखा । उम्मीद है ये पोस्ट पढ़कर अच्छा लगा होगा । धन्यवाद !

 

यह भी पढ़ें :

संज्ञा सर्वनाम विशेषण
क्रिया वर्ण-विचार वाक्य-विचार
वाच्य हिंदी-वर्णमाला अव्यय
शब्द-विचार
क्रिया-विशेषण
 

 

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